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BY Dr. Srikant Pandey0
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इस समय के
अनेकानेक पर्याय हैं। कुल मिलाकर इसे कमतरी का समय माना गया है। बीते हुए में
रिश्तों की सान्द्रता,
पड़ोस की उपस्थिति जैसे सन्दर्भों के बरक्स इसे अभावग्रस्त समय बताया
जाता है। मुझे लेकिन यह विलोपता का समय जान पड़ता है। अभाव में न होने और
अनुपस्थिति का तत्व प्रधान होता है, जबकि विलोपता में हमारे
पास होता तो है लेकिन हम उसे असन्दर्भित और अनछुआ रहने देते हैं। अभाव में कारण
बाहरी होते हैं, विलोपता में हम स्वयं एक कारण बन जाते हैं।
जीवन में शब्दों और मूल्यों का विलोप करने को हम उद्यत-तत्पर और सजग होते जा रहे
हैं। जीवन में बैकफुट का वह मतलब नहीं होता, जो क्रिकेट में
होता है। क्रिकेट तक में बैकफुट का असल मतलब वह नहीं होता, जो
लिया जाता है। बैकफुट पर ही कट, हुक और पुल जैसे आक्रामक शॉट
मिल पाते हैं। बैक फुट का अर्थ पीछे हटना नहीं, धार पैनी
करना है ।
- डॉ. श्रीकान्त पाण्डेय
